A hindi story of a intelligent artist kids


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Intelligent artist moral Hindi story



एक कस्बे में एक अमीर बूढ़ी महिला रहती थी । उसका एक कुत्ता था । वह अपने कुत्ते से बहुत प्यार करती थी । एक बार वह एक बहुत अच्छे कलाकार के पास गई ।


कलाकार से अपनी तस्वीर बनाने के लिए कहा । कलाकार ने कई दिनों तक उसकी तस्वीर पर बड़ी मेहनत की । जब वह तस्वीर तैयार हो गई , उसने उस महिला को अपने स्टूडियो में बुलाया

Intelligent artist moral Hindi story

Intelligent artist moral Hindi story



वह बूढ़ी महिला स्टूडियो आई । वह अपने साथ अपना कुत्ता भी ले गई । वह कुत्तों की बड़ी शौकीन थी । उसका यह विश्वास था कि वह नन्हा सा जानवर इस संसार का सबसे चतुर जानवर है



उस महिला ने तस्वीर अपने कुत्ते को दिखाई । " देखो , प्यारे टौमी , ” उसने कहा , “ यहाँ है मालकिन । पर कुत्ते ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई 


महिला कलाकार की ओर मुड़ी और बोली , “ मुझे यह तस्वीर नहीं चाहिए । यह बिल्कुल भी मेरी तरह नहीं लग रही है । बल्कि मेरा चतुर जानवर भी मुझे इस तस्वीर में पहचान नहीं पाया ।


कलाकार सांसारिक बुद्धिमान था । वह धनवान लोगों के अजीब ठंगों को जानता था । अत : उसने बहस नहीं की । उसने सरलता से कहा , “ मोहतरमा , कृप्या आप कल फिर आना । मैं आपकी तस्वीर इतनी सच्चाई से बनाऊँगा कि आपका टौमी अपनी पूँछ हिलाएगा और उसे चाटेगा ।



अगले दिन , महिला दोबारा स्टूडियो पहुँची कुत्ता अपनी पूँछ हिलाने लगा और तस्वीर की तरफ दौड़ा , वह बड़ी ही रूचि से उसे चाटने लगा


महिला बोली , “ कितना सुन्दर ! कितना आश्चर्यजनक ! मेरे टौमी को तस्वीर पसंद आई है तो मुझे भी यह बहुत पसंद है । कृप्या इसे लपेट दो । " कलाकार ने बड़ी कीमत माँगी और उसने खुशी - खुशी कीमत चुकाई ।



कलाकारउसके जाने के बाद दिल से हसा । उसने उस तस्वीर को माँस के रसीले टुकड़े से रगड़ा । माँस की सुगंध ने कुत्ते को तस्वीर चटवाई


Hindi moral story Part-2

Donkey and men Hindi story & moral Kahani



एक कुम्हार और उसका बीटा एक गधे पर सवार होकर शहर के लिए चल पड़े । रास्ते में उन्होंने सभी का अभिवादन किया । तुम कितने निर्दयी हो एक बूढ़ा व्यक्ति उनसे बोला , “ बेचारा गधा ! तुम्हारे वजन से मर जाएगा ।

कृप्या , एक बार में एक ही जना सवार हो । कुम्हार ने उसकी राय मानी और जानवर से नीचे उतर गया । अब उसके ऊपर केवल छोटा सा लड़का था ।



 वे थोड़े आगे पहुँचे ही थे की , दूसरा आदमी कहते हुए आया , “ इस छोकरे को अपने पिता पर दया नहीं आ रही है । वह मज़े से सवारी कर रहा है । पर पिता पैदल चल रहा है । " लड़के को बड़ी शर्म आई । उसने पिता से आग्रह किया की उसके स्थान पर वे सवारी करें ।

 
Donkey and men Hindi story & moral Kahani

Donkey and men Hindi story & moral Kahani



समस्या वहीं पर समाप्त नहीं हुई ।
अरे मेरे भगवान ! एक बुजुर्ग महिला रो पड़ी , “ यह सब क्या है ? इस छोटे से लड़के के लिए मेरा दिल रो रहा है । यह पैदल चल रहा है पर पिता तो मज़े से गधे पर सवारी कर रहा है ।





कुम्हार और उसके बेटे ने , अब , निश्चय किया वे उस जानवर की और सवारी नहीं करेंगे । उन्होंने उसकी रस्सी पकड़ी और पैदल चलने लगें । अब वे बहुत ही ज्यादा थक गए थें ।




तुम कितने बेवकूफ हो ! इस गधे का क्या फायदा है ? तुम दोनों इस पर सवारी क्यों नहीं कर रहे हो ? " यह बुद्धिमानी के शब्द उस दोस्त की तरफ से निकले जिसे उन पर दया आई ।




 पिता और बेटे ने धैर्य खो दिया । पिता ने निराश होकर अपने बेटे से कहा , " मेरे प्यारे , लोग बड़े निर्दयी हैं । वे हमेशा तुम्हारे में दोष निकालते हैं । तुम एक साथ सभी को प्रसन्न नहीं कर सकते । सबसे बेहतर हम गधे को अपने कँधों पर उठा लेते हैं




बेटे ने उस जानवर को  उठाया और अपने कंधों पर रखा । पिता ने उसके पिछले पैरो को अपने कंधों पर रखा और धीरे से चलने लगे ।

गधा बेचारा उन पर सवार होकर डरा हुआ था । उसे परेशानी महसूस हुई , उसने उन्हें बड़े ज़ोर से रैक मारी । कुम्हार और उसका बीटा दोनों जमीं पर चित्त गिर पड़े |
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